भामाशाहों और समाजसेवियों का सम्मान, पूर्व विद्यार्थियों को ज्ञान गौरव पुरस्कार
उदयपुर। ज्ञान मंदिर समिति के हीरक जयंती वर्ष के उत्सवों का शुभारम्भ एवं नवनिर्मित छात्रावास भवन के लोकार्पण अवसर पर विविध कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में समाजसेवियों, पूर्व छात्रों, भामाशाहों एवं विद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही।
प्रथम चरण में रिको इंडस्ट्रियल एरिया धोल की पाटी परिसर स्थित कन्याशाला में नवनिर्मित छात्रावास भवन का लोकार्पण मुख्य अतिथि जसोदाबेन मोदी ने किया। समारोह की अध्यक्षता मुंबई के प्रख्यात समाजसेवी एवं उद्योगपति महेश भाई गांधी ने की। इस अवसर पर जसोदाबेन ने ज्ञान मंदिर समिति के 60 वर्ष के शैक्षिक एवं सामाजिक योगदान की सराहना करते हुए छात्रावास को ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।
इसके पश्चात ज्ञान मंदिर समिति एवं ‘सत्य’ (संन्यासाश्रम) समिति की कार्यकारिणी के सदस्यों के चयन एवं मनोनयन की प्रक्रिया सम्पन्न हुई।
द्वितीय चरण में ज्ञान मंदिर विद्यालय, हिरण मगरी सेक्टर-4 में ‘स्वयं’ (पूर्व छात्र परिषद) के सदस्यों का संगम संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत पूर्व विद्यार्थियों ने अपने छात्र जीवन की स्मृतियों को साझा किया तथा संस्था के विकास में निरंतर सहयोग का संकल्प लिया।

सायंकाल जसोदाबेन के मुख्यातिथ्य में आयोजित सम्मान समारोह में पूर्व विद्यार्थियों और दानदाताओं को सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के संस्थापक टीकम चंद असावरा, उपाध्यक्ष ज्योत्स्ना शर्मा और अशोक करवा, प्रमोद झवर, डा कमलकिशोर पोरवाल, प्रदीप पंवार ने सभा को संबोधित किया। दीपक पालीवाल ने रामचरित मानस की चौपाइयों की मीमांसा प्रस्तुत की। कार्यक्रम का संचालन डॉ कुंजन आचार्य और संगीता पालीवाल ने किया। धन्यवाद लीला पालीवाल ने दिया।
1. भामाशाह अलंकरण: हिरण मगरी विद्यालय और छात्रावास में कमरा व वार्डन कक्ष बनवाने वाले विशिष्ट दानदाताओं- मुकेश भंसाली, श्रीमती शकुंतला जैन, किशनलाल कोठारी-बेंगलुरु, रायचन्द छाजेड़-बेंगलुरु का अभिनंदन किया गया।
2. ज्ञान वास्तु कलाश्री पुरस्कार: छात्रावास के निर्माण और उत्कृष्ट शिल्पकला में अमूल्य योगदान देने के लिए स्व. अविनाश गुप्ता, स्व. उपेश जी त्रिवेदी, श्रीमती दीपेन्ती भाटी एवं विक्रम पालीवाल को सम्मानित किया गया।
3. ज्ञान गौरव पुरस्कार: अपनी मातृ संस्था के सिद्धांतों और आदर्शों से प्रेरित होकर समाज को गौरवान्वित करने वाले पूर्व छात्रों—सुनील गांग, दिलीप जारोली, प्रमोद चपलोत, नरेन्द्र आमेटा, वंदना माली, दीपक तलेसरा एवं दीपक पालीवाल का नागरिक सम्मान किया गया।


