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स्कूल में मोबाइल बैन के पक्ष में केविन पीटरसन


ब्रिटिश PM सुनक का समर्थन किया, हर स्कूल के लिए नियम बनाने की मांग की

स्कूल में मोबाइल बैन मामले में पूर्व इंग्लिश कप्तान केविन पीटरसन ने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक का समर्थन किया है। 43 साल के पूर्व क्रिकेटर ने सोमवार को एक सोशल पोस्ट करते हुए लिखा कि मैं इसका पूरी तरह समर्थन करता हूं, क्योंकि बच्चे अपनी डिवाइस में डूबते जा रहे हैं।

पीटरसन ने PM सुनक को टैग करते हुए लिखा कि प्रधानमंत्री इस मसले में यूके के हर स्कूल के लिए व्यापक नियम बनाएं। पीटरसन की पोस्ट के बाद एक बार फिर स्कूल में मोइबल बैन करने और न करने पर बहस छिड़ गई है

स्कूलों में मोबइल बैन कर रहे कई स्कूल
वर्तमान में दुनिया के कई देश स्कूलों में बच्चों के मोबइल यूज पर प्रतिबंध लगा चुके हैं। ब्रिटिश सरकार ने भी पिछले साल अक्तूबर महीने में पूरे देश के स्कूलों में फोन लाने पर रोक की सिफारिश की थी। अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य ने एक साल पहले ऐसा ही प्रतिबंध लगाया था। इटली और चीन पहले ही ऐसा कर चुके हैं।

स्कूलों में मोबाइल बैन क्यों?
स्कूली बच्चे जरूरत से ज्यादा समय मोइबल में बिता रहे हैं। ऐसा लग रहा है कि वे अपनी डिवाइस में डूबते जा रहे हैं। इसके अलावा, स्कूलों में छात्रों के बीच लड़ाइयों के सैकड़ों वीडियो रोजाना बनाए जा रहे हैं और सोशल मीडिया पर अपलोड भी किए जा रहे हैं। इनसे बच्चों के हितों व स्कूलों की प्रतिष्ठा तक बिगड़ रही है, लड़ाइयों में हिंसा व गंभीरता भी बढ़ रही है।

क्या कहती है स्कूल में मोबाइल बैन पर यूनेस्को की रिपोर्ट
यूनेस्को ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि विश्व के हर 4 में से 1 देश में छात्र द्वारा स्कूल में फोन लाने पर कानूनी या नीतिगत रोक है या उपयोग सीमित किया गया है। प्रतिबंध के समर्थकों के अनुसार ऐसा करने से छात्र सोशल मीडिया पर समय बर्बाद नहीं कर रहे, साइबर बुलिंग से बच रहे हैं। प्रतिबंध के विरोधियों का तर्क है कि जो छात्र परिवार की जिम्मेदारी भी उठा रहे हैं, काम कर रहे हैं, उन्हें बड़ा नुकसान हो रहा है।


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