बच्चों को कराया भोजन और दी प्रेरणा
अगम्य मीडिया @ सलूंबर।
कभी एक साथ पढ़ने वाले छह साथियों ने 19 साल बाद जब अपने पुराने स्कूल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सेमाल की चौखट पर कदम रखा, तो मानो बचपन लौट आया।
जी हां, सलूंबर जिले के जयसमंद ब्लॉक के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सेमाल का शनिवार यादगार बन गया, जब वर्ष 2006 बैच के पूर्व विद्यार्थियों ने करीब 19 साल बाद अपने पुराने स्कूल में लौटकर बचपन की यादें ताज़ा कीं।

6 साथियों के एक साथ पहुंचते ही विद्यालय परिसर पुरानी स्मृतियों से गूंज उठा। बैच के सदस्य मयुरेश औदिच्य, हितेश जैन, पर्वत सिंह राजपूत, देवी सिंह राजपूत, पन्ना लाल सुथार और दिनेश प्रजापत ने न केवल विद्यालय परिसर में बल्कि आसपास के मगरा थोरी क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी भोजन करवाया और उनके साथ समय बिताया।

पूर्व विद्यार्थियों ने बच्चों के साथ खेलकूद में भाग लिया और संवाद करते हुए उन्हें शिक्षा के महत्व, माता-पिता और गुरुजनों के प्रति आदर, तथा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। 19 साल बाद पुनः उसी विद्यालय में 6 स्टूडेंट पहुंचे तो उन्होंने क्लास रूम में बैठकर बचपन की याद ताजा की।

विद्यालय परिवार ने सभी साथियों का पगड़ी और उपरणा ओढ़ाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानाध्यापिका ने अपने संबोधन में 2006 बैच के इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि पूर्व विद्यार्थियों का यह स्नेह विद्यालय के लिए प्रेरणादायक है।
इस मौके पर पूर्व विद्यार्थियों ने भावुक होकर कहा, इस विद्यालय ने हमें जो संस्कार और शिक्षा दी, वही हमारी सफलता की नींव बनी। आज फिर इसी आंगन में लौटकर गर्व और आनंद का अनुभव हो रहा है।

कार्यक्रम के अंत में बैच की ओर से यह घोषणा की गई कि जो विद्यार्थी आगामी 10वीं बोर्ड परीक्षा में 85 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करेगा, उसे 2006 बैच की ओर से 11,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।



