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घर-घर से बदलेगी डूंगरपुर की तस्वीर, देश में नंबर-1 बनने के लिए नगर परिषद ने फूंका स्वच्छता का बिगुल


सभापति सुशीला गुप्ता की पहल : पहले दिन 800 से अधिक बीपीएल परिवारों को बांटी बाल्टियां, अब हर घर में गीला-सूखा कचरा अलग करने की मुहिम; बोलीं- शहर को देश में प्रथम बनाने की जिम्मेदारी हम सबकी

डूंगरपुर। शहर को स्वच्छता के मामले में देशभर में पहचान दिलाने का लक्ष्य लेकर नगर परिषद ने घर-घर से बदलाव की मुहिम शुरू कर दी है। अब स्वच्छ डूंगरपुर की राह केवल सड़कों की सफाई से नहीं, बल्कि हर घर में कचरा अलग करने की आदत से तय होगी। इसी सोच के साथ नगर परिषद ने बीपीएल परिवारों से स्वच्छता अभियान की शुरुआत की। गुरुवार को नगर परिषद परिसर में आयोजित कार्यक्रम में शहर के 2800 से अधिक परिवारों को बाल्टी वितरण कार्य्रकम आयोजित किया गया जिसमे पहले दिन 800 से अधिक परिवारों को कचरा पात्र के रूप में बाल्टियां वितरित की गईं। सभापति सुशीला गुप्ता ने शहरवासियों से आह्वान किया कि वे स्वच्छता को अपनी रोजमर्रा की आदत बनाएं, ताकि डूंगरपुर स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में प्रथम स्थान हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सके। सभापति सुशीला गुप्ता के मुख्य आतिथ्य और आयुक्त ललित सिंह देथा की अध्यक्षता में हुए कार्यक्रम में पार्षदों, अधिकारियों, कर्मचारियों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। कार्यक्रम में 500 से अधिक परिवारों की उपस्थिति रही। राज्य सरकार की बजट घोषणा के अनुरूप शहर के बीपीएल परिवारों को बाल्टियां वितरित की गईं। इस पहल के जरिए घरों से निकलने वाले कचरे को स्रोत पर ही अलग-अलग रखने और सफाई व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का संदेश दिया गया।

सफाई की शुरुआत घर से, लक्ष्य देश में पहला स्थान :

सभापति सुशीला गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता के लिए बड़े-बड़े अभियान चलाने से पहले प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर से शुरुआत करनी होगी। इसी उद्देश्य से नगर परिषद ने बीपीएल परिवारों को केंद्र में रखकर पहला कार्यक्रम आयोजित किया है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल नगर परिषद के अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं है। इसमें शहर के हर परिवार और नागरिक की भागीदारी जरूरी है। जब हर घर से कचरा व्यवस्थित तरीके से निकलेगा, तभी शहर की सफाई व्यवस्था में स्थायी सुधार आएगा। उन्होंने वर्ष 2015 से 2020 के दौरान शहर में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि उस अवधि में डूंगरपुर को खुले में शौच से मुक्त बनाने, घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे के निस्तारण तथा गीले कचरे से खाद और गैस बनाने के काम किए गए थे। अब स्वच्छता के इन प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए नए कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। लक्ष्य स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में प्रथम स्थान हासिल करना है, जिसके लिए अभी से योजनाबद्ध तैयारी करनी होगी।

गीला-सूखा कचरा मिलाया तो बढ़ेगी परेशानी :

सभापति ने शहरवासियों को कचरा प्रबंधन का महत्व समझाते हुए कहा कि घरों से गीला और सूखा कचरा मिलाकर देने पर उसे अलग करने में अधिक समय और संसाधन लगते हैं। इससे कचरे के उचित निस्तारण और उपयोगी सामग्री के पुनर्चक्रण में भी परेशानी आती है। इसलिए प्रत्येक परिवार गीले और सूखे कचरे के लिए अलग-अलग बाल्टियों का उपयोग करे। कचरा सड़क, नाली या खाली भूखंड पर फेंकने के बजाय नगर परिषद की संग्रहण गाड़ी में ही डालें। उन्होंने कहा कि स्वच्छता सर्वेक्षण की तैयारी केवल कुछ दिनों का अभियान नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। नियमित सफाई, घर-घर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण, नालियों की सफाई और नागरिकों की भागीदारी जैसे सभी पहलुओं पर एक साथ काम करना होगा।

शहर की शान बनेगी स्वच्छता, नागरिकों से सहयोग की अपील :

कार्यक्रम में पार्षद सूर्यवीर सिंह, हिमांशु भावसार, माया सुथार, लक्ष्मी सेवक और शैलेश मेहता ने भी विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता डूंगरपुर की पहचान और शान बननी चाहिए। इसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। घरों से निकलने वाले कचरे को अलग-अलग पात्रों में देना और नगर परिषद की व्यवस्था का सहयोग करना स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम के अंत में आयुक्त ललित सिंह देथा ने आभार व्यक्त किया।


VIPLAV KUMAR JAIN

विप्लव कुमार जैन, पिछले 13 वर्षों से एक बेदाग छवि वाली पत्रकारिता के लिए, राजस्थान की पत्रकारिता जगत में जाना पहचाना चेहरा है l अगम्य मीडिया न्यूज़ के संस्थापक, प्रधान संपादक एवं प्रकाशक विप्लव कुमार जैन ने विगत वर्षों में स्वतंत्र पत्रकार के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी है, एवं कम उम्र में एक विशिष्ठ पहचान बनाई है l

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