दिवंगत नंदलाल मीणा को दी श्रद्धांजलि.
प्रतापगढ़।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे बुधवार को प्रतापगढ़ पहुंचीं, जहां उन्होंने पूर्व मंत्री और विधायक नंदलाल मीणा को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि नंदलालजी ने जीवनभर जनता की सेवा को सर्वोपरि रखा। जब वे मंत्री बन सकते थे, तब उन्होंने प्रतापगढ़ को जिला बनाने की मांग रखी। उन्हें जिला भी मिला और मंत्री पद का दर्जा भी।
राजे ने कहा कि नंदलाल मीणा का योगदान प्रतापगढ़ के विकास की नींव है। जनजातीय क्षेत्र के उत्थान के लिए उनके प्रयास हमेशा याद रखे जाएंगे।

उन्होंने कहा, “नंदलालजी ने जिस समर्पण और ईमानदारी से जनता की सेवा की, वह हम सबके लिए प्रेरणा है।”
जनजातीय क्षेत्र के विकास का श्रेय नंदलाल मीणा को – राजे
राजे ने कहा कि प्रतापगढ़ को जिला बनाने के पीछे नंदलाल मीणा की दूरदृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति रही। उन्होंने सरकार में रहते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी।

उन्होंने कहा, “नंदलालजी की सोच थी कि जब तक यह क्षेत्र जिला नहीं बनेगा, तब तक विकास की मुख्यधारा से जुड़ना कठिन रहेगा।”
सादगी, सेवा और नेतृत्व का अद्भुत संगम –
वसुंधरा राजे ने कहा कि नंदलाल मीणा का जीवन सादगी और सेवा का प्रतीक था। वे हमेशा जनहित को व्यक्तिगत लाभ से ऊपर रखते थे।उन्होंने कहा, “आज जब हम उन्हें याद कर रहे हैं, तो यह संकल्प भी लें कि जिस राह पर वे चले, उसी मार्ग पर समाज की सेवा करें।”

पुरानी यादें और भावुक पल –
राजे ने नंदलाल मीणा से जुड़ी पुरानी यादें भी साझा कीं। उन्होंने कहा, “नंदलालजी से मेरा पुराना रिश्ता था। उन्होंने न केवल अपने क्षेत्र को समझाया, बल्कि मुझे भी इस क्षेत्र की भावना और ज़रूरतों से परिचित कराया। ऐसा नेता आज दुर्लभ है, जिसने निस्वार्थ भाव से जनता के लिए काम किया हो।”

कई नेता रहे मौजूद –
शोकसभा में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर, सांसद व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सी.पी. जोशी, निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी, भाजपा प्रदेश पूर्व मंत्री व धरियावद विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा, वल्लभनगर पूर्व विधायक रणधीर सिंह भींडर, पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, और पूर्व चिकित्सा मंत्री नरपत सिंह राजवी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


