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लसाड़िया में रहस्यमयी बीमारी का खौफ: कहीं सर्वे टीम से दूरी, तो कहीं ग्रामीणों का सहयोग…


प्रशासन द्वारा सर्वे कार्य लगातार जारी, रिपोर्ट आने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट सोमवार को आने की संभावना, जिससे बीमारी के कारणों का खुलासा हो सकता है.

करण औदिच्य पाणुन्द (लसाड़िया)।

सलूंबर जिले के लसाड़िया उपखंड क्षेत्र में फैली रहस्यमयी बीमारी ने एक बार फिर लोगों में दहशत का माहौल बना दिया है। अलग-अलग ग्राम पंचायतों के छोटे-छोटे गांवों में अब तक करीब 15 मौतों के बाद ग्रामीणों में डर और असमंजस साफ नजर आ रहा है।

घटना के बाद प्रशासन और चिकित्सा विभाग पूरी तरह सक्रिय है। लसाड़िया क्षेत्र की खजूरी ग्राम पंचायत के कुंडा गांव में फिलहाल डोर-टू-डोर सर्वे जारी है। खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सीटू कुमावत के निर्देशन में एएनएम, सीएचओ, डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन, आशा सहयोगिनी और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की 15 टीमें गठित की गई हैं।

ये टीमें रोज सुबह करीब 9 बजे गांवों में पहुंच रही हैं और शाम 5 बजे तक लगातार सर्वे कार्य में जुटी रहती हैं।

तेज गर्मी के बावजूद पहाड़ी क्षेत्रों में एक-एक घर तक पहुंचकर जांच की जा रही है। टीम के सदस्य अपना भोजन साथ लेकर आते हैं और दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद वहीं बैठकर भोजन कर फिर काम में लग जाते हैं।अब तक 462 घरों का सर्वे किया जा चुका है।

साथ ही 37 एमएलओ, 39 टेमीफोस और 18 स्थानों पर फॉगिंग का कार्य भी किया गया है। लोगों को मलेरिया से बचाव के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है।हालांकि, बीमारी को लेकर फैले डर का असर सर्वे कार्य पर भी पड़ा है। पहले घाटा क्षेत्र में जब टीमें पहाड़ी इलाकों में बसे घरों तक पहुंचीं, तो कई परिजन अपने बच्चों को लेकर टीमों से दूर भागते नजर आए। इससे सर्वे में बाधा आई। बाद में जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी, जिसके बाद सहयोग की स्थिति बनी।

वहीं कुंडा गांव में अब ग्रामीण प्रशासन का सहयोग कर रहे हैं, लेकिन अंदरूनी डर अभी भी बना हुआ है।

कुंडा गांव की स्थिति –

खजूरी ग्राम पंचायत के कुंडा गांव में कुल 6 फलां (ढाणियां) हैं, जहां 130 घरों में करीब 595 की आबादी निवास करती है। यहां पेयजल के अलग-अलग स्रोत हैं – कुछ लोग हैंडपंप का पानी पी रहे हैं, तो कुछ कुएं और बावड़ी पर निर्भर हैं। फिलहाल सर्वे और जांच के दौरान कोई स्पष्ट लक्षण सामने नहीं आए हैं, जिससे बीमारी की सटीक पहचान हो सके।

शनिवार को हुई एक मौत के बाद करवाए गए पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का सभी को इंतजार है।

रविवार अवकाश के चलते रिपोर्ट नहीं आ सकी, लेकिन सोमवार को इसके आने की संभावना है। इस रिपोर्ट से बीमारी के असली कारणों का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्थिति पर नजर –

चिकित्सा विभाग लगातार क्षेत्र में तैनात है और ग्रामीणों से संपर्क में बना हुआ है। लोगों से अपील की जा रही है कि किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें और तुरंत स्वास्थ्य टीम को जानकारी दें। चिकित्सा विभाग की अपील -चिकित्सा विभाग क्षेत्र के ग्रामीणों से अपील कर रहा है कि तेज धूप में घरों से बाहर नहीं निकलें। पेय पदार्थों का अधिक उपयोग करें, विशेष रूप से नींबू पानी और ओआरएस का सेवन करें। किसी भी प्रकार की समस्या होने पर चिकित्सा विभाग से तुरंत संपर्क करें, टीम आपके लिए उपलब्ध है।


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