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उदयपुर संभाग और सलूंबर जिले की प्रसिद्ध प्राकृतिक शक्तिपीठ ईडाणा माताजी में शारदीय नवरात्र के रविवार को श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
सुबह से ही मंदिर परिसर भक्तों से खचाखच भरा रहा और दोपहर तक भीड़ इतनी बढ़ गई कि वाहनों को मंदिर से दो किलोमीटर दूर तक खड़ा करना पड़ा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए ट्रस्ट कार्मिक, अतिरिक्त सुरक्षा गार्ड और गींगला थानाधिकारी रमेशचंद्र अहारी मय जाप्ता तैनात रहे।

गींगला-लोदा मार्ग से आने वाले वाहनों को गायत्री धाम पर, फिला-बंबोरा मार्ग से आने वालों को औदिच्य ब्राह्मण समाज सराय में और धावड़ी-कोटा मार्ग से आने वाले वाहनों को भी एक किमी दूर खड़ा करवाया गया। वहां से भक्तों को पैदल ही मंदिर परिसर पहुंचकर कतार में लगना पड़ा।

सुबह 5 बजे मंगला आरती से ही भीड़ उमड़ने लगी। 10 बजे बाद कतारें इतनी लंबी हो गईं कि मंदिर परिसर से बाहर श्रीफल और चुंदड़ी की दुकानों तक फैल गईं।
ट्रस्ट अध्यक्ष गोपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि भीड़ को देखते हुए ईडाणा ग्राम के युवाओं ने भी पूरे दिन सेवा देते हुए भक्तों को दर्शन करवाए।
बारिश में भी डटे रहे भक्त —
रविवार को हल्की बारिश की बूंदें भी श्रद्धालुओं के उत्साह को कम नहीं कर पाईं। भक्त मंदिर परिसर के बाहर भीगते हुए भी कतार में लगे रहे।
आचार्य अंबालाल शर्मा ने बताया कि शारदीय नवरात्र पर शतचंडी महायज्ञ का आयोजन हो रहा है। मंदिर परिसर की हवनशाला में निरंतर शुद्ध घी, खीर, फल आदि से आहुतियां दी जा रही हैं। प्रतिदिन माताजी का आकर्षक श्रृंगार किया जा रहा है और दर्शनार्थियों के लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई है।

भंडारों पर भी रही चहल-पहल —
फिला-बंबोरा मार्ग पर भामाशाह शैतान सिंह चुंडावत की ओर से लगाए गए भंडारे में भी रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और प्रसाद ग्रहण किया।पूरे दिन भक्तों का उत्साह देखने लायक रहा।



