जम्मू-कश्मीर पर भारत-पाकिस्तान खुद करेंगे बातचीत, मध्यस्थता नहीं चाहिए
भारत ने मंगलवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर तीसरे पक्ष का दखल मंजूर नहीं है। इस मुद्दे को भारत-पाकिस्तान आपस में सुलाएंगे। यह बात विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को PoK खाली करना होगा। सभी मामले द्विपक्षीय तरीके से ही हल होंगे। दरअसल, भारत के इस जवाब को जम्मू-कश्मीर विवाद को सुलझाने के मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। ट्रम्प ने 11 मई को कहा था, ‘मैं दोनों के साथ मिलकर यह देखने की कोशिश करूंगा कि क्या कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकाला जा सकता है।’ 10 मई को ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर भारत-पाक के बीच सीजफायर होने की जानकारी दी थी।
विदेश मंत्रालय बोला- पाकिस्तान आतंक का एपीसेंटर रणधीर जायसवाल ने कहा कि पहलगाम में भारतीय टूरिस्ट विक्टिम हैं। पाकिस्तान आतंक का एपीसेंटर है। दुनियाभर के नेताओं ने माना कि भारत को अपनी सुरक्षा का हक है। यूएन सिक्योरिटी काउंसिल ने 25 अप्रैल कहा था- आतंक को मदद देने वाले जिम्मेदारों पर एक्शन होना चाहिए। हमारी लीडरशिप ने कहा है कि सीमा पार आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेंगे। इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी की अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस से बात हुई थी। दोनों की बातचीत के बारे में जानकारी दी जा चुकी है। बांग्लादेश की आवामी लीग पर बैन लगाने की बात चिंता का विषय है। लोकतंत्र में जो काम करने का तरीका होता है। उसे दरकिनार किया गया है। बांग्लादेश में आजादी को रोका जा रहा है। राजनीतिक गतिविधियों का दायरा रोका जा रहा है, इससे हम चिंतित हैं। हम चाहते हैं बांग्लादेश में निष्पक्ष चुनाव कराया जाए।
विदेश विभाग के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा- जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर तीसरे पक्ष की दखलंदाजी मंजूर नहीं है। इस मुद्दे को भारत-पाकिस्तान आपस में सुलाएंगे। इसमें कोई बदलाव नहीं है। लंबित मामला सिर्फ पीओके पर कब्जा करने का है। इसी पर ही बात होगी। ट्रम्प ने कहा था- ट्रम्प ने 11 मई को कहा था, ‘मैं दोनों के साथ मिलकर यह देखने की कोशिश करूंगा कि क्या ‘हजार साल’ बाद कश्मीर मुद्दे का कोई हल निकाला जा सकता है।’ विदेश मंत्रालय ने कहा कि UNSC की मॉनिटरिंग कमेटी से हमने द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) को आतंकी संगठन के तौर पर लिस्टेड करने को कहा है। उनका जवाब कुछ दिनों में मिल जाएगा।
पाकिस्तान के विदेश मंत्री के बयान पर रणधीर जायसवाल ने कहा- ऑपरेशन सिंदूर में कई जगहों को पाकिस्तान में नुकसान पहुंचा। पाकिस्तान ने भारतीय सेना की क्षमता देखी। पाकिस्तान के प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा। हमारा टारगेट आतंकी इन्फ्रास्ट्रक्चर थे। 9 मई की रात पाकिस्तान का हमला हमने फेल किया। वहां के एयरबेस ध्वस्त होने के बाद पाकिस्तान ने DGMO लेवल की बातचीत की पेशकश की। पाकिस्तान में हुए हमले की सैटेलाइट पिक्चर मौजूद हैं। जो आपके हर सवाल का जवाब देंगी। पाकिस्तान ने हर जंग हारने के बाद ढोल बजाया है। यह उनकी पुरानी आदत हैं। जायसवाल ने कहा कि अमेरिकी एयरक्राफ्ट और अन्य के मार गिराने की खबरें सोशल मीडिया पर हैं। इस पर बाद में चर्चा करेंगे।


