आईएमए की ऐतिहासिक सद्भावना रैली में उमड़ा जनसैलाब, हजारों चिकित्सक, स्वास्थ्यकर्मी और सामाजिक संगठनों ने डॉक्टरों की सुरक्षा के समर्थन में दिखाई अभूतपूर्व एकजुटता

उदयपुर। राष्ट्रीय डॉक्टर्स डे के अवसर पर 1 जुलाई को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) उदयपुर द्वारा आयोजित ‘भयमुक्त अस्पताल हेतु सद्भावना रैली’ ने पूरे शहर में एक मजबूत और सकारात्मक संदेश दिया। इस विशाल रैली में हजारों चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मी, मेडिकल छात्र-छात्राएं एवं आमजन शामिल हुए। शहर की सड़कों पर उमड़ा यह जनसैलाब डॉक्टरों की सुरक्षा, सम्मान और भयमुक्त कार्य वातावरण की मांग को लेकर एकजुट नजर आया।

रैली का उद्देश्य अस्पतालों में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त कार्य वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता को लेकर जनजागरूकता फैलाना था। साथ ही समाज और चिकित्सा जगत के बीच विश्वास, सहयोग और सद्भाव को मजबूत करना भी इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य रहा। रैली के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि सुरक्षित डॉक्टर ही समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकते हैं।
आईएमए राजस्थान अध्यक्ष डॉ. आनंद गुप्ता ने बताया कि इस सद्भावना रैली में शहर की 50 से अधिक सामाजिक, व्यापारिक एवं स्वयंसेवी संस्थाओं ने भाग लेकर चिकित्सक समुदाय के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर दिन-रात मरीजों की सेवा में जुटे रहते हैं और ऐसे में उनका सुरक्षित वातावरण में कार्य करना बेहद आवश्यक है। रैली में उमड़ी भारी भीड़ इस बात का प्रमाण है कि समाज डॉक्टरों के सम्मान और सुरक्षा के मुद्दे पर पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ा है।

इस दौरान आईएमए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सुनील चुघ, आईएमए राजस्थान के इमीडिएट पास्ट प्रेसीडेंट डॉ. एम.पी. शर्मा एवं हरीश राजानी (पूर्व राज्य मंत्री, राजस्थान सरकार) विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने रैली की सराहना करते हुए कहा कि चिकित्सा सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए डॉक्टरों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
सुबह 8 बजे भंडारी दर्शक मंडप से शुरू हुई यह विशाल रैली चेतक सर्किल, हॉस्पिटल रोड, कोर्ट चौराहा, कलेक्ट्री, दिल्ली गेट, अश्विनी बाजार एवं हाथीपोल होते हुए पुनः भंडारी दर्शक मंडप पहुंचकर सम्पन्न हुई। पूरे मार्ग में प्रतिभागियों ने अस्पतालों में हिंसा रोकने, चिकित्सकों के सम्मान और सुरक्षित चिकित्सा सेवाओं को लेकर जागरूकता का संदेश दिया। जगह-जगह लोगों ने रैली का स्वागत कर समर्थन भी जताया।

आईएमए उदयपुर के सचिव डॉ. प्रशांत अग्रवाल ने कहा कि चिकित्सकों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना केवल प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है। वहीं आईएमए उदयपुर के कोषाध्यक्ष एवं मुख्य संयोजक डॉ. दीपक शाह ने कहा कि यह रैली समाज और चिकित्सा जगत के बीच विश्वास और सद्भाव का मजबूत संदेश लेकर आई है।
रैली को सफल बनाने में केमिस्ट एसोसिएशन, एमआर एसोसिएशन, विज्ञान समिति, तलेसरा विकास संस्थान, लायंस क्लब, भारत विकास परिषद, अश्विनी बाजार सोसायटी, अग्रोहा उदयपुर, रोटरी क्लब मेवाड़, रोटरी क्लब पन्नाधाय, भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी, महावीर इंटरनेशनल सहित अनेक सामाजिक संगठनों और मेडिकल संस्थानों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

आयोजन में डॉ. अनुराग तलेसरा, डॉ. पंकज सोमानी, डॉ. राहुल आनंद एवं डॉ. यामिनी सबरवाल का विशेष योगदान रहा। रैली समन्वय की जिम्मेदारी डॉ. मनीष धांकर, डॉ. सी.पी. पुरोहित, डॉ. कमलेश भट्ट, डॉ. निलेश पटीरा, डॉ. शिव कौशिक, डॉ. मुकेश गर्ग, डॉ. मुकेश देवपुरा, डॉ. भानु देवपुरा, डॉ. निशांत अश्विनी, डॉ. हरिराम, डॉ. आशीष शर्मा, डॉ. भगराज चौधरी, डॉ. तरुण अग्रवाल, डॉ. लीना दवे एवं डॉ. सुनीता आचार्य ने निभाई।


