विधायक थावरचंद डामोर के बयान पर कन्हैयालाल मीणा का पलटवार
मुख्यमंत्री के दौरे और लसाड़िया घटना को लेकर उठे सवाल, भाजपा नेता बोले – दुख की घड़ी में राजनीति नहीं, समाधान जरूरी
करण औदिच्य@लसाड़िया।
धरियावद विधानसभा क्षेत्र में लसाड़िया की हालिया घटना को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारत आदिवासी पार्टी के धरियावद विधायक थावरचंद डामोर ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के उदयपुर और प्रतापगढ़ दौरे को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए सवाल उठाए कि लसाड़िया क्षेत्र को गंभीर घटना के बावजूद नजरअंदाज किया गया।

विधायक डामोर ने अपने बयान में कहा कि हाल ही में क्षेत्र में हुई बच्चों की मौतों के बाद भी मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवारों से मिलना जरूरी नहीं समझा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार अब तक बीमारी के कारणों और स्थिति को स्पष्ट नहीं कर पाई है।
वहीं विधायक के इस बयान पर भाजपा नेता एवं धरियावद विधानसभा के विधायक प्रत्याशी कन्हैयालाल मीणा ने भी सोशल मीडिया के जरिए प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि लसाड़िया की घटना बेहद दुखद थी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को राहत, उपचार और जांच के निर्देश दिए थे।
मीणा ने कहा कि प्रशासन लगातार क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रहा है तथा पीड़ित परिवारों को सहायता दिलाने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संवेदनाएं केवल राजनीतिक प्रदर्शन से नहीं, बल्कि जमीन पर किए गए कार्यों से दिखाई देती हैं।
उन्होंने विधायक थावरचंद डामोर पर निशाना साधते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में राजनीति करने के बजाय सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर क्षेत्र के हित में काम करना चाहिए।

साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्षेत्र की समस्याओं को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रभावी ढंग से रखने के बजाय सोशल मीडिया पर आरोप-प्रत्यारोप करना कितना उचित है।
लसाड़िया की घटना को लेकर अब राजनीतिक माहौल गर्माता नजर आ रहा है। एक ओर विपक्ष सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है, वहीं भाजपा इसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने का प्रयास बता रही है।


