पर्यावरण जागरूकता व चेतना लाने के लिए एक सुंदर प्रयास
नई दिल्ली । विश्व पर्यावरण दिवस के उपलक्ष्य में आईआईटी दिल्ली में एक दिवसीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिल्ली नगर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में निगम के शिक्षकों के द्वारा पर्यावरण प्रबंधन व संरक्षण पर आधारित एक अद्भुत नाटक की प्रस्तुति की गई। आईआईटी दिल्ली के लेक्चर हाल में की गई, इस सुंदर नाट्य प्रस्तुति के द्वारा शिक्षकों की इस टीम ने वहां उपस्थित आईआईटी दिल्ली के अधिकारियों, नगर निगम के उच्च अधिकारियों, प्राचार्यों, विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कार्यशाला में पधारे अतिथियों के अंतर्मन में पर्यावरण जागरूकता व चेतना लाने का सुंदर प्रयास किया। शिक्षकों की टीम द्वारा वहां उपस्थित नागरिकों व आरडब्ल्यूए अध्यक्षों से भी यह अपील की गई कि वे कचरे का सही निपटान करें। सूखे व गीले कूड़े को नीले व हरे कूड़ेदान में ही डालें व कूड़े का निस्तारण सही ढंग से करें। अपने शहर, क्षेत्र व देश को अपना ही आवास समझ कर, उन्हें साफ़-सुथरा रखने व अधिक से अधिक पौधा रोपण करने का संदेश भी शिक्षकों की इस टीम के द्वारा दिया गया।

सिंगल यूज़ प्लास्टिक के हानिकारक दुष्प्रभावों पर जन-चेतना आकर्षित करते हुए उन्होंने पर्यावरण के अभिन्न अंग, वनस्पति व जीव जगत को भी इस ज़हरीले प्लास्टिक के प्रकोप से बचाने की अपील की। भूमि, जल एवं वायु में फैले प्लास्टिक व अन्य हानिकारक केमिकलों से उपजे प्रदूषण को नियंत्रित करके जीव जंतुओं एवं भावी मानव पीढ़ी की रक्षा करने की बात भी बहुत ही संवेदनशील तरीके से उस नाटक में प्रस्तुत की गई। पर्यावरण पर नाट्य प्रस्तुति करने वाले इन शिक्षकों में नीतू पांचाल, रोशनी डबास, नवनीत देशवाल, प्रीति शर्मा, मीना ढल, नवीन कुमार, उर्मिला प्रजापति, संतोष शर्मा, रचना, सीमा शर्मा, रितु, पूनम मौर्या व शिव कुमार (डेम्स विभाग, दि.न.नि.) ने सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से भर दिया व वहां उपस्थित लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि आने वाले समय में भी यदि पर्यावरण का इसी प्रकार ह्रास होता रहा तो हमारे बच्चों के लिए स्वस्थ व सुरक्षित जीवन जीना कितना दुष्कर हो जाएगा। अतः हमें पर्यावरण संरक्षण को एक विकल्प के रूप में नहीं; अपितु एक आवश्यक आदत के रूप में अपनाना चाहिए। स्कूल, कॉलेजों में इस संदर्भ में जागरूकता लाकर, भावी जीवन को सुरक्षित करने के प्रयास हमें करने ही होंगे।

एंपावरिंग दिल्ली फॉर ए ग्रीनर फ्यूचर के नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में कचरा प्रबंधन पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर राजा इक़बाल सिंह (महापौर, दि.न.नि.), तथा विशिष्ट अतिथि के तौर पर, अश्विनी कुमार, आई.ए.एस. (आयुक्त, दि.न.नि.), प्रोफ़ेसर रंगन बैनर्जी (निदेशक, IIT, दिल्ली), रूपा मिश्रा, आई.ए.एस. (ज्वाइंट सेक्रेटरी, आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय), एंजल भाटी चौहान, आई.ए.एस (अपर आयुक्त, दि.न.नि) व दिलख़ुश मीणा, आई.ए.एस (उपायुक्त, दक्षिणी क्षेत्र, दि.न.नि.) ने अपनी विशेष उपस्थिति दर्ज की।
इस कार्यक्रम में पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में विशेष तौर पर सरकार, गैर सरकारी संगठनों, स्थानीय निकायों, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनस और सामान्य जन की भागीदारी पर प्रकाश डाला गया।


