श्रद्धालुओं की उमड़ी आस्था, श्रीफल की बिक्री ने बनाया नया रिकॉर्ड
करण औदिच्य @अगम्य मीडिया.
उदयपुर संभाग व सलूंबर जिले की प्रसिद्ध शक्तिपीठ, अग्नि स्नान की देवी ईडाणा माताजी में शारदीय नवरात्र महोत्सव के तहत आयोजित दस दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम का समापन विजयादशमी पर शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ हुआ।

आचार्य अंबालाल शर्मा के सानिध्य में 11 पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार और गायत्री धाम के बटुकों द्वारा विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके पश्चात माताजी का श्रृंगार, हवन और शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न हुई। यज्ञ नारायण में 51 किलो शुद्ध घी से वसुधारा दी गई, वहीं हवनशाला में काजू, बादाम, पिस्ता और अखरोट सहित 101 किलो मेवों की आहुतियां अर्पित की गईं।
पूर्णाहुति के बाद माताजी को छप्पन भोग का प्रसाद अर्पित किया गया।

दस दिन में 50 लाख से अधिक के श्रीफल की बिक्री –
इस बार नवरात्र महोत्सव में भक्तों की भारी भीड़ रही। अनुमान के अनुसार दस दिन में श्रीफल (नारियल) की बिक्री 50 लाख रुपये से अधिक हुई। मंदिर परिसर के बाहर दुकानदारों ने होलसेल में नारियल मंगवाए, जिनमें से कई दुकानदारों ने एक-एक लाख रुपये से अधिक के श्रीफल बेचे।

ट्रस्ट ने जताया आभार –
ईडाणा माताजी ट्रस्ट अध्यक्ष गोपाल सिंह राठौड़ ने कहा कि दस दिवसीय विशाल आयोजन को सफल बनाने में सलूंबर जिला प्रशासन, गींगला थानाधिकारी रमेशचंद्र अहारी व उनकी टीम, गांव के युवाओं और पुलिस का विशेष सहयोग रहा। उन्होंने सभी का हृदय से आभार व्यक्त किया।
पारिक परिवार ने चढ़ाया ईड़ाणा माताजी को 2 किलो चांदी का छत्र और नकदी –
प्रसिघ्द शक्तिपीठ ईड़़ाणा माताजी मे विजयादशमी पर धरियावद से पारिक परिवार ने 2 किलों चांदी का छत्र माताजी को चढ़ाया और नकदी भी भेंट की। पारिक परिवार ने शुध्द चांदी का छत्र और इसके साथ 70 हजार की राशि भेंट चढ़ाई। इसके अलावा उन्होने पिछले 2 सालों से प्रतिदिन माताजी के नाम से निकाली गई राशि भी दानपात्र मे डाली। इस राशि की उन्होने गणना नहीं की। ट्रस्ट कि और से पारिक परिवार का उपरणा व माताजी की तस्वीर भेंट कर स्वागत किया गया।

थानाधिकारी अहारी और टीम का रहा अहम सहयोग –
प्राकृतिक शक्तिपीठ ईडाणा माताजी में शारदीय नवरात्र महोत्सव के अंतर्गत आयोजित दस दिवसीय भव्य कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हुआ।
आयोजन की सफलता में गींगला थानाधिकारी रमेशचंद्र अहारी और उनकी पूरी पुलिस टीम का विशेष योगदान रहा। अहारी अपने शांत और सरल स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। नवरात्र के दौरान उन्होंने बिना किसी आडंबर के, सादगी और सहजता के साथ सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा संभाला।

उनके नेतृत्व में पुलिस प्रशासन ने दिन-रात सतर्क रहकर सेवाएं दीं, जिससे श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ निर्भय होकर दर्शन कर सके। महोत्सव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ श्रद्धालुओं को सहज वातावरण प्रदान करना उनकी टीम की बड़ी उपलब्धि रही।
सादगी, सेवा भावना और समर्पण का परिचय देते हुए थानाधिकारी अहारी ने यह साबित किया कि गरिमा दिखावे में नहीं बल्कि सरलता और कर्तव्यनिष्ठा में होती है। आयोजन समिति और श्रद्धालुओं ने उनके प्रयासों और सहयोग के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया।


